परियोजना की विशेषताएँ

आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास

भारतीय सांस्कृतिक एकता के आदि आचार्य, अद्वैत दर्शन के प्रणेता और देश के चारों कोनों में चार मठों की स्थापना कर सनातन ज्ञानधारा को पुनर्प्रतिष्ठा प्रदान करने वाले आदि शंकराचार्य के जीवन और दर्शन से भारतीय जन को अनुप्राणित करने के लिए न्यास की स्थापना का संकल्प है।

मध्यप्रदेश शासन द्वारा भारतीय ज्ञान और दर्शन की आधार भूमि से उद्भूत संस्कृति और उसकी वैभवपूर्ण विरासत को "सांस्कृतिक एकता" स्वरूप आदि शंकराचार्य की विशाल भव्य प्रतिमा स्थापना तथा अन्य जनसुविधाएँ विकसित करने के लिए ओंकारेश्वर (जिला-खण्डवा) में परिसर की संरचना, निर्माण और संचालन हेतु आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास की स्थापना की जानी है।

न्यासी के रूप में हम ये घोषणा करते हैं कि :-

मध्यप्रदेश शासन ने भारतीय ज्ञान और दर्शन के मीमांसक तथा सांस्कृतिक एकता के प्रतीक आचार्य शंकराचार्य की प्रतिमा स्थापना के उद्देश्य से आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास की स्थापना की है, तथा न्यास की स्थापना के लिए राशि रू. 1.00 लाख का प्रावधान किया गया है।

न्यास अनुबंध के साक्ष्य -

1. इस स्वायत्तशासी न्यास का नाम "आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास" होगा। मूलत: इस न्यास का मुख्यालय भोपाल, मध्यप्रदेश में होगा।

2. म.प्र. शासन ने राशि रू. 1.00 लाख इस न्यास के लिए प्रावधानित की है, जिसके लिए न्यासी को सर्वाधिकार दिए गए हैं, जिसका संधारण न्यास के उद्देश्यों की पूर्ति हेतु किया जाना हैं।

3. न्यास के सार्वजनिक उद्देश्य इस प्रकार है:-

(1) आदि शंकराचार्य की भव्य प्रतिमा की ओंकारेश्वर में स्थापना।

(2) आदि शंकराचार्य की प्रमिता के लिए पूरे प्रदेश के गाँव-गाँव से धातु दान स्वरूप प्राप्त करना।

(3) भारतीय सांस्कृतिक एकता के प्रतीक रूप में आदि शंकर की प्रतिमा का प्रस्तुतीकरण।

(4) प्रतिमा स्थल के आस-पास सुव्यवस्थित जन-सुविधाएँ विकसित करना।

(6) ओंकारेश्वर पहुँचने वाले मार्गो के निर्माण और देख-रेख के लिए सम्बंधित विभागों से सतत समन्वय करना।

(7) भारतीय अद्वैत ज्ञान और दर्शन से जुड़ी गतिविधियों के प्रोत्साहन एवं विचारों के आदान-प्रदान के लिए कार्यशाला, सेमिनार, शोध, संगोष्ठी, व्याख्यान इत्यादि का आयोजन करना।

(8) न्यास के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए भारत सरकार, राज्य सरकार, गौर शासकीय संस्थाओं/संगठनों, राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के निकायों तथा व्यक्तियों से संपर्क, समन्वय तथा सहयोग स्थापित कर क्रियान्वयन।

4. न्यासी की नियुक्ति, कार्यकाल एवं संख्या

i. न्यास में नीचे उल्लिखित अनुसार 21 सदस्य होंगे।

ii. मध्यप्रदेश शासन द्वारा भारतीय ज्ञान और दर्शन के क्षेत्र से ख्यातिप्राप्त पाँच सदस्य तथा विभिन्न क्षेत्रों से दो सामाजिक कार्यकर्ताओं को न्यासी सदस्य के रूप में नामांकित किया जाएगा।

iii. 14 पदेन सदस्य निम्नानुसार हैं :-

क्र. सं. सदस्य पद
1. माननीय मुख्यमंत्रीजी मध्यप्रदेश अध्यक्ष
2. माननीय संस्कृति मंत्रीजी उपाध्यक्ष
3. मुख्य सचिव, म.प्र. शासन पदेन न्यासी
4. अपर मुख्य सचिव, वित्त विभाग पदेन न्यासी
5. उपाध्यक्ष, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण पदेन न्यासी
6. अपर मुख्य सचिव, वन पदेन न्यासी
7. प्रमुख सचिव, संस्कृति पदेन न्यासी
8. प्रमुख सचिव, राजस्व पदेन न्यासी
9. प्रमुख सचिव, नगरीय प्रशासन पदेन न्यासी
10. प्रमुख सचिव, जनसम्पर्क विभाग पदेन न्यासी
11. प्रमुख सचिव, आवास एवं पर्यावरण पदेन न्यासी
12. आयुक्त /संचालक, संस्कृति संचालनालय पदेन न्यासी
13. आयुक्त इंदौर संभाग, इंदौर पदेन न्यासी
14. कलेक्टर खंडवा पदेन न्यासी
     

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